Biography

डॉ. राजीव बिन्दल

डॉ. राजीव बिन्दल

प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी (हिमाचल प्रदेश)

पिता का नाम: स्व. वैद्य बालमुकुन्द जी

पता: प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा, विला राऊन्ड, नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

जन्म तिथि: 12 जनवरी, 1955

जन्म स्थान: सोलन, हिमाचल प्रदेश

शैक्षिक योग्यता: Graduate in Ayurvedic Medicine & Surgery

व्यवसाय: सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ता

डॉ. राजीव बिन्दल: जीवन समाज सेवा और राजनीति को समर्पित

डॉ. राजीव बिन्दल का जीवन समाज सेवा, राजनीतिक समर्पण और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा से लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक की उनकी यात्रा, उनके असाधारण संगठनात्मक कौशल, अटूट दृढ़ संकल्प और जन-कल्याण के प्रति गहरे समर्पण को दर्शाती है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं प्रेरणा

डॉ. राजीव बिन्दल को सेवा और संस्कार की भावना विरासत में मिली।

  • पिता, स्व0 वैद्य बालमुकन्द जी: वे हिमाचल प्रदेश के एक जाने-माने वैद्य और समाजसेवी थे। उन्होंने आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा के माध्यम से लाखों रोगियों का उपचार किया और क्षेत्र की दुर्लभ जड़ी-बूटियों पर शोध कर नए औषधीय उत्पाद तैयार किए। 97 वर्ष की आयु तक वे समाज की निष्काम सेवा में सक्रिय रहे और 1945 में सोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की शाखा शुरू करने वाले अग्रदूतों में से एक थे।

  • परिवार: उनका पूरा परिवार उच्च शिक्षित और समाज सेवा के प्रति समर्पित है। उनकी पत्नी, श्रीमती मधु बिन्दल, M.Sc. बॉटनी में स्वर्ण पदक विजेता हैं। उनके पुत्र, डॉ. विवेक बिन्दल, देश के एक प्रतिष्ठित रोबोटिक सर्जन हैं और पुत्रवधु, डॉ. ऊषा बिन्दल, एक मेडिकल कॉलेज में विभाग की प्रमुख हैं। उनकी पुत्री, डॉ. स्वाति बिन्दल गान्धी, और दामाद, डॉ. राज कुमार गान्धी, सोलन में एक उन्नत डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करते हैं। उनके पांचों बड़े भाई भी समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। यह पूरा परिवार सनातन धर्म, आर्य समाज, और अग्रवाल सभा जैसे कई संगठनों के माध्यम से सामाजिक कार्यों में संलग्न है।

प्रारंभिक जीवन एवं राजनीतिक चेतना (1971-1978)

डॉ. बिन्दल की प्रेरणा का स्रोत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ रहा, जहाँ वे अपने बड़े भाई की उंगली पकड़कर शाखा में पहुँचे।

  • संघ का प्रशिक्षण: आठवीं कक्षा में गटनायक का दायित्व संभालने के बाद, उन्होंने 1971 में प्रथम वर्ष और 1972 में द्वितीय वर्ष का संघ प्रशिक्षण (ओ.टी.सी.) पूरा किया और शाखा कार्यवाह से लेकर नगर कार्यवाह तक के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया।

  • आपातकाल का संघर्ष (1975): जब श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया, तो डॉ. बिन्दल ने RSS के नेतृत्व में तानाशाही के खिलाफ प्रकाशन और उसके वितरण का साहसिक कार्य संभाला। इस विरोध के कारण उन्हें डिफेंस इंडिया रूल (D.I.R.) के तहत गिरफ्तार कर करनाल जेल में 4 महीने से अधिक का कारावास काटना पड़ा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके इस संघर्ष के सम्मान में हरियाणा सरकार ने 26 जनवरी, 2015 को उन्हें ताम्र पत्र देकर ‘लोकतंत्र सेनानी’ के रूप में सम्मानित किया

सेवा का संकल्प: चिकित्सा से समाज कार्य तक (1978-1995)

1978 में जी.ए.एम.एस. (आयुर्वेदाचार्य) की डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने संघ की प्रेरणा से देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में सेवा करने का निर्णय लिया।

  • झारखंड में निःस्वार्थ सेवा: वे संघ के प्रचारक के रूप में वनवासी कल्याण आश्रम के मार्गदर्शन में झारखंड के आदिवासी क्षेत्र में गए। वहां उन्होंने लगभग ढाई वर्षों तक “हो” जनजाति के बीच निःशुल्क चिकित्सालय और छात्रावास जैसे प्रकल्प चलाए। इस दौरान उन्हें देशद्रोहियों के जानलेवा हमलों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने मिशन पर डटे रहे।

  • सोलन में वापसी और हिमगिरि कल्याण आश्रम की स्थापना: 1983 में सोलन लौटकर उन्होंने अपनी चिकित्सा प्रैक्टिस शुरू की और साथ ही हिमगिरि कल्याण आश्रम की स्थापना की। इस संस्था के संस्थापक, महामंत्री और अध्यक्ष के रूप में उन्होंने 20 वर्षों तक निर्धन बालकों की सेवा की और सैकड़ों बच्चों का जीवन संवारा।

सोलन से नाहन तक (1995-2022)

  • 1995-2000: राजनीति में प्रवेश और नगर परिषद् अध्यक्ष: 1995 में वे पहली बार सोलन नगर परिषद् के अध्यक्ष चुने गए और शहर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले गए। इसी दौरान उन्होंने 1997 से 2000 तक भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष का दायित्व भी संभाला।

  • 2000-2012: सोलन के विधायक और स्वास्थ्य मंत्री:

    • विधायक के रूप में (2000-2007): वे तीन बार (2000, 2003, 2007) सोलन से विधायक चुने गए। अपने कार्यकाल में उन्होंने हर गांव को सड़क से जोड़ने, सब्जी मंडी का निर्माण, सोलन को गिरि नदी का जल उपलब्ध कराने और नए शिक्षण व चिकित्सा संस्थान खोलने जैसे ऐतिहासिक कार्य किए।

    • स्वास्थ्य मंत्री के रूप में (2007-2012): प्रो. प्रेम कुमार धूमल जी के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल बेमिसाल रहा। उनके प्रमुख कार्य थे:

      1. अटल स्वास्थ्य सेवा योजना-108: 25 दिसंबर, 2010 को 108 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की, जो आज भी प्रदेश की जीवनदायिनी योजना है।

      2. मेडिकल कॉलेजों का विस्तार: शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें 65 में बढ़ोतरी की गई।

      3. सुपर स्पेशिलिटी की शुरुआत: IGMC में पहली बार सुपर स्पेशिलिटी की 8 सीटें शुरू की गईं।

      4. PG सीटों में वृद्धि: MD/MS की सीटें 39 में बढ़ोतरी की गई ।

      5. भर्तियां: 1800 नर्सों और 1000 पैरा-मेडिकल कर्मचारियों की भर्ती की गई।

      6. आयुर्वेद का उत्थान: 600 नए आयुर्वेद चिकित्सकों की भर्ती की और पपरोला में PG सीटें बढ़ाईं।

  • 2012-2022: नाहन विधायक के रूप में अविस्मरणीय कार्यकाल:

    • सोलन सीट आरक्षित होने पर, वे 2012 में नाहन से चुनाव लड़े और शानदार जीत हासिल की। वे लगातार चौथी बार विधायक बने। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने जनता की आवाज को मजबूती से उठाया, पदयात्राएं कीं और अनशन भी किया।

    • 2017 में वे नाहन से लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार विधायक चुने गए। इस कार्यकाल को नाहन के इतिहास का स्वर्णिम काल माना जाता है। उन्होंने क्षेत्र में लगभग 2500 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू करवाए, जिसमें सड़कों और पुलों का जाल बिछाना, IIM धौलाकुआं का निर्माण, 500 बिस्तरों का मेडिकल कॉलेज, और 400 साल पुराने नाहन शहर का कायाकल्प करना शामिल है।

    • 2022 का चुनाव: विकास कार्यों के बावजूद, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस की झूठी गारंटियों के कारण 1500 मतों से हार का सामना करना पड़ा। यह परिणाम आज भी नाहन की जनता के लिए एक “यक्ष प्रश्न” बना हुआ है।

संवैधानिक पद का निर्वहन: विधानसभा अध्यक्ष (2018-2020)

जनवरी 2018 में, डॉ. राजीव बिन्दल को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। दो वर्षों के अपने कार्यकाल में उन्होंने अपनी विद्वता और कार्यशैली का लोहा मनवाया।

  • ई-विधान मॉडल: उन्होंने पूर्व अध्यक्ष द्वारा शुरू किए गए ई-विधान मॉडल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। उनके प्रयासों से केंद्र सरकार ने हिमाचल के इस पेपरलेस मॉडल को देश की सभी विधानसभाओं में लागू करने का आदेश दिया।

  • अन्य सुधार: उन्होंने सदन का संचालन बेहतरीन तरीके से किया, ई-कमेटी और ई-कंस्टिचूअंसी मैनेजमेंट जैसी नई प्रणालियां शुरू कीं, और विधानसभा की लाइब्रेरी का डिजिटलीकरण करवाया।

संगठन का नेतृत्व: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

  • प्रथम कार्यकाल (जनवरी 2020): पार्टी के आदेश पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देकर 17 जनवरी, 2020 को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाला। कोरोना काल में उन्होंने संगठन को ऑनलाइन माध्यम से सक्रिय रखा और “सेवा ही संगठन” के मंत्र को चरितार्थ करते हुए 70 लाख से अधिक मास्क और 1 लाख से अधिक राशन किटें वितरित करवाईं।

  • द्वितीय कार्यकाल (अप्रैल 2023 – जुलाई 2025): 23 अप्रैल, 2023 को उन्हें दूसरी बार यह दायित्व मिला। यह कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा:

    • लोकसभा चुनाव 2024: उनकी अध्यक्षता में भाजपा ने प्रदेश की सभी चार लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त की।

    • संगठनात्मक मजबूती: उन्होंने रिकॉर्ड 508 दिन प्रवास किया, 97 नए भाजपा मंडलों का गठन किया, और 18 लाख सदस्य बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया।

  • तृतीय कार्यकाल (1 जुलाई, 2025 से): केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर एक बार फिर विश्वास जताते हुए 1 जुलाई, 2025 को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। पदभार ग्रहण करते ही वे आपदाग्रस्त मंडी जिले के दौरे पर निकल गए और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राहत कार्यों का नेतृत्व किया।

डॉ. राजीव बिन्दल अब 2027 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को विजय दिलाने के लक्ष्य के साथ पूरी ऊर्जा से जुटे हुए हैं। उनका जीवन दृढ़ता, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। . . .

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