केंद्र से करोड़ों की सहायता के बावजूद नाहन मेडिकल कॉलेज शून्य पर कांग्रेस सरकार जवाब दे पैसा कहां गया? : बिंदल

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वे दो गंभीर विषयों पर जनता का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत सरकारी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि चंबा, हमीरपुर, टांडा मेडिकल कॉलेज, चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और आईजीएमसी को अलग-अलग आर्थिक सहायता मिली — जबकि नाहन मेडिकल कॉलेज पूरी तरह शून्य पर है।

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शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वे दो गंभीर विषयों पर जनता का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत सरकारी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि चंबा, हमीरपुर, टांडा मेडिकल कॉलेज, चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और आईजीएमसी को अलग-अलग आर्थिक सहायता मिली — जबकि नाहन मेडिकल कॉलेज पूरी तरह शून्य पर है।
उन्होंने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पिछले सवा तीन वर्षों से बंद पड़ा है। पूरा धन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया, लेकिन आज तक उसका हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि
11-मंजिला बिल्डिंग और 500-बेड अस्पताल अभी तक शुरू क्यों नहीं हुआ?
50-बेड माता-शिशु अस्पताल का काम तीन साल बाद भी क्यों अटका है?
नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृत राशि कहां गई?
डॉ. बिंदल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी चिंताजनक है — टेस्ट महंगे, पर्ची शुल्क लागू, दवाइयों की कमी, डॉक्टरों की कमी, तीन पीएचसी और एक सीएचसी बंद, हिमकेयर योजना ठप और आयुष्मान कार्ड तक अटेंड करने वाला नहीं। यह सिरमौर और नाहन की जनता के साथ अन्याय है।

सर्वदलीय बैठक पर तीखा हमला

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कहने पर बुलाई गई बैठक में भाजपा पूरी गंभीरता से पहुंची और लगभग दो घंटे चर्चा सुनी। वित्त सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट भी सुनी। लेकिन जब भाजपा ने उसी सरकारी रिपोर्ट के तथ्य रखने शुरू किए तो बीच-बीच में टोका-टोकी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने पूरा दोष केंद्र सरकार पर डालने का प्रयास किया और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसका भाजपा ने विरोध दर्ज कराया।
डॉ. बिंदल ने कहा:
“सवा तीन साल में लगभग ₹27000 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट और अन्य मदों में हजारों करोड़ मिलने के बावजूद संस्थान बंद, विकास ठप और जनता परेशान — आखिर पैसा गया कहां?”
उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक से वॉकआउट किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 40 महीनों में केंद्र ने हर विकासात्मक मद में हिमाचल को अभूतपूर्व सहयोग दिया, लेकिन राज्य सरकार की धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक विफलता के कारण प्रदेश बैकफुट पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का विरोध राजनीति नहीं बल्कि जनहित और पारदर्शिता के लिए है और पार्टी जनता के सामने सच लाती रहेगी।

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