नागपुर पहुंच कर अत्यंत हर्ष और संतोष की अनूभूति हो रही है-डा. बिन्दल
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‘‘आज नागपुर पहुंच कर अत्यंत हर्ष और संतोष की अनूभूति हो रही है। नागपुर से हमारा भावानात्मक,आत्मीय और आध्यात्मक सम्बन्ध रहा है।
बाल्यकाल से ही परम श्रद्धेय डा. हेडगेवार जी व गुरू गोवलकर जी को पढ़ते, सुनते,सीखते हुए सदैव दिव्य धरा रुनागपुर का नाम मनस पटल पर अंकित होता रहा है, इसलिए आज मन के भाव बहुत भावुक हो रहे हैं।
नागपुर की इस पवित्र धरा पर पहुंच कर आज ऐसा महसूस कर रहा हूँ, जैसे संघ के हमारे समस्त गुरूजन साक्षात हमें अपना आशीर्वाद दे रहें हैं। यह अनुभूति हमें मातृभूमि के लिए सदैव तन- मन से समर्पित और संकल्पित रह कर राष्ट्र और समाज कार्य करने की प्ररेणा देती रहेगी।
संघ के समस्त श्रेष्ठ गुरूजनों के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन..!’’
-डा. राजीव बिन्दल
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