सेना सिविल भूमि मामला विधानसभा सत्र

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नाहन में सेना और सिबिल के बीच दशकों पुराने भूमि संबंधी विषय पर प्रभावित लोगों का पक्ष धर्मशाला में चल रहे विधानसभा सत्र में गंभीरता के साथ सम्पूर्ण तथ्यों के साथ।

विधानसभा सत्र में दिए गए वक्तव्य के अंशों का दूसरा भाग आप सबके सामने प्रस्तुत है :

 डा. राजीव बिन्दल :

* अध्यक्ष महोदय, मैंने नटशेल के अंदर चार बिंदुओं में समस्या को आपके सामने रखूंगा और दो बिंदुओं पर उसका समाधान रखूंगा जिससे मामले का सरलीकरण किया जा सके।

* अध्यक्ष महोदय, जो विवादित भूमि है व जिसमें रास्ते इत्यादि बने हुए हैं और बार-बार उसमें समस्या आती है।

* अध्यक्ष महोदय, जो विवादित भूमि है उसे जब नपवाया गया है तो वहां लगभग 362 बीघा भूमि ऐसी निकली जिसे राजस्व विभाग अपनी बता रहा है और सेना कहती है कि यह हमारी भूमि है।

* यह मामला जब स्वर्गीय श्री मनोहर पर्रीकर जी के पास पहूंचा तब उनके विभाग से एक पत्र निकला जिसकी एक कॉपी हमने मुख्य सचिव महोदय को भी दी है। उस पत्र में एक सुझाव दिया गया था कि जितनी भूमि विवादित है उतनी ही भूमि सेना को अन्यत्र स्थान पर दे दी जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा।

*  इस दिशा में हम आगे बढें और हमने एक स्थान पर सेना को देने के लिए भूमि चिन्हित भी की है जोकि राजस्व विभाग की है। उस भूमि को हमने जिलाधीश के माध्यम से सेना के अधिकारियों को भी दिखा दिया है और सैद्धांतिक रूप से उन्हें वह भूमि पसंद भी है।

*  राजस्व विभाग की उस भूमि के स्थानांतरण के मामले को हमें तेज गति से आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए हम चण्डीमंदिर कमांड के अधिकारी, मुख्य सचिव (हिमाचल प्रदेश), सचिव (सामान्य प्रशासन हिमाचल प्रदेश), उपायुक्त (जिला सिरमौर) और मुझे भी शामिल करते हुए एक ज्वाइंट मीटिंग के माध्यम से भूमि स्थानांतरण के मामले को सीरे चढ़ा सकते हैं।

* ऐसा करने से बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। अंततः माननीय मुख्य मंत्री जी के कार्यालय में कमांड के अधिकारी और अम्बाला में सेना के स्टेट ऑफिसर को बैठक में बुलाकर इसका समाधान किया जा सकता है।

* अब दूसरा विषय छोटा किन्तु अत्यन्त महत्वपूर्ण है प्रधान मंत्री सड़क योजना की एक सड़क है जिस सड़क में 300 मीटर सड़क रोक दी गई है, जिससे 5,000 की आबादी कवर होती है और नाहन का बाईपास भी वहीं से बनता है। ये 300 मीटर की जमीन बिल्कुल बाहरी क्षेत्र में है। यहां पर कोई भी काम डिफैंस नहीं करती है। यह आऊटर एरिया है। इस समाधान के लिए उन्होंने इन-प्रींसिपल स्थानीय अधिकारियों ने मान भी लिया है।

* यदि हमारी यह प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क में 300 मीटर हमको मिल जाता है और यह रिपलेस ऑफ लैंट का मामला हो जाता है तो जो 100 साल से अधिक से बसे हुए लोग हैं, उनकी समस्या का समाधान हो जाता है। और जो उनकी मलकीयत मकान हैं, उनके साथ जो रास्ते इत्यादि हैं उनकी समस्या का भी पूरी तरह से समाधान हो जाता है।

* मैंने समस्या भी रखी है और उसका समाधान भी नटशैल में रखा है। इसके लिए हाई लैवल की मीटिंग हो जाए और दूसरा जो प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना है, एक बहुत बड़ा डैपुटेशन अभी माननीय मुख्य मंत्री जी जब 14 तारीख को नाहन गए थे, इनसे मिला था।

*  मैं चाहता हूं कि इस दिशा में अध्यक्ष जी, आपके माध्यम से यह समाधान माननीय मुख्य मंत्री जी और जल शक्ति मंत्री जी इसका निकालेंगे, ऐसा मुझे विश्वास है। इन्हीं शब्दों के साथ अध्यक्ष जी, आपका धन्यवाद।

क्रमश:

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