भोला झुंझुवाला जी का परिवार, जो झारखण्ड के हमारे सेवा कार्यों में सबसे बड़े सहयोगी रहे
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कहते हैँ प्रभु श्रीराम जब 14 वर्ष के बनवास पर निकले तो निषाद राज जी ने भगवान श्रीराम की बहुत सहायता की और नाव में बैठा कर नदिया पार करवाई। भगवान श्रीराम ज़ब वनवास से लौटे तो उन्होंने निषाद राज को अपने परम मित्र की संज्ञा देकर इतिहास में अमर कर दिया।
यह भोला झुंझुवाला जी का परिवार है जो झारखण्ड के गोईलकेरा में हमारे सेवा कार्यों में सबसे बड़े सहयोगी रहे।
यह ऐसा आदर्शवादी परिवार है जो बिना स्वार्थ के, निरंतर वनवासी कल्याण आश्रम व हमारे सेवा कार्य में हमेशा साथ खड़े रहे।
छात्रावास के लोकार्पण के लिए गोईलकेरा जाते हुए झुंझुवाला जी के परिवार के साथ जलपान किया वा पुरानी यादें ताज़ा की।
फिर, भोला जी के पुत्र माधव जी को साथ ले कर आगे बढ़ चले गोईलकेरा की ओर…
-डॉ. राजीव बिंदल






























































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