“विकास ठप, टैक्सों का बोझ चरम पर – कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को पीछे धकेला” : डॉ. राजीव बिंदल

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नाहन: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय नाहन में आयोजित भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की जिला स्तरीय बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता, प्रदेश संयोजक पंचायती राज विनोद ठाकुर, सह संयोजक अजय मेहता, जिला संयोजक विजेश गोयल, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष चौहान, जिला महामंत्री तपेन्दर शर्मा, मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ पंचायती राज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और आगामी पंचायत चुनावों पर विस्तृत चर्चा एवं मंथन किया गया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को विकास के मामले में अभूतपूर्व रूप से पीछे धकेला है। “विकास कार्य ठप हैं, स्कूलों का मर्जर नहीं बल्कि बंदीकरण हो रहा है। यह मर्जर नहीं, शिक्षा व्यवस्था के लिए मर्ज है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आते ही सरकार ने डीज़ल पर ₹7 प्रति लीटर टैक्स लगाकर लगभग ₹7000 करोड़ जनता की जेब से निकाल लिए। सीमेंट के दाम लगभग ₹100 प्रति बैग बढ़ाए गए, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में वृद्धि की गई और बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नाहन में एक गरीब परिवार, जिसके घर में मात्र चार बल्ब हैं, उसका बिजली बिल ₹13,000 आया – जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने राशन डिपुओं में राशन महंगा करने और कटौती करने के निर्णय की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को कई गुना बढ़ाकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। “कालाअंब से प्रवेश करने वाली गाड़ी जो पहले शून्य शुल्क में आती थी, अब ₹170 देकर आएगी। माता बाला सुंदरी, नैना देवी, चिंतपूर्णी, कांगड़ा, ज्वाला जी और चामुंडा मंदिरों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब दर्शन से पहले टैक्स चुकाना पड़ेगा, जबकि सड़कों की हालत बदतर है,” उन्होंने कहा।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पंचायत चुनाव टालने का भरसक प्रयास किया। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर सरकार को मसौदा भेजा था, लेकिन सरकार ने नए-नए आपत्तियां लगाकर चुनाव प्रक्रिया को लटकाया। “गांव के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करने की यह कोशिश अक्षम्य है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप से 30 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के निर्देश लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा समाज के हर वर्ग में काम करने के लिए विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से संगठन को मजबूत कर रही है। पंचायती राज प्रकोष्ठ के माध्यम से गांव-गांव तक संगठन को सशक्त किया जाएगा और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जाएगा।

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