सनातन धर्म में गाय को माता स्वरूप माना गया है: डॉ. बिंदल
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सनातन धर्म में गाय को माता स्वरूप माना गया है। हिंदू धर्म के सभी वेद, पुराण और उपनिषद में गौ-माता की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ये उदगार शुक्रवार को सोलन जिला के बद्दी में गौ-सेवा प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला के अवसर पर प्रकट किये।
इस कार्यशाला की विशेषता यह है कि इसका आयोजन “हरे कृष्णा गौशाला” में किया जा रहा है जिसके लिए डॉ. बिंदल ने प्रकोष्ठ को साधुवाद दिया।
मान्यता है कि सभी 33 कोटि देवी–देवताओं का वास गौ-माता में होता है। वेद और पुराणों में गाय को अघन्या (वध न करने ) बताया गया है।
शास्त्रों के अनुसार गाय के चार चरणों से सृष्टि का संरक्षण पोषण और कल्याण होता है।
इस प्रकार हिन्दू धर्म में गौ-सेवा को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि “परम धर्म” माना गया है।
कार्यशाला में गौवंश के संवर्धन और संरक्षण पर विस्तृत चर्चा एवं मंथन हुआ। प्रकोष्ठ के सभी प्रतिनिधियों ने गौ-वंश की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया।


































































