नाहन में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का अनावरण
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आज गुरूवार को हमने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाहन में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का अनावरण किया। विवेकानंद जी की यह प्रतिमा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आग्रह पर महाविद्यालय परिसर में स्थापित की गई है, ताकि विद्यार्थियों को विवेकानंद जी के जीवनदर्शन से निरंतर प्रेरणा मिलती रहे।
* स्वामी विवेकानंद जी हमेशा ही युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनका जीवनदर्शन हमेशा ही युवाओं, समाज और देश का मार्गदर्शन करता रहा है।
* श्रद्धेय विवेकानंद जी की मूर्ति का आज अनावरण हुआ, यह अपने आप में अत्यंत प्रेरणादायी प्रसंग हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों में, पुरातन भारतीय इतिहास, संस्कृति, वेदना, विचार और चिंतन संपूर्ण रूप से समाहित हैं।
* स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जहां विद्यार्थियों पर मां सरस्वती का आशीर्वाद है वहीं स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत के नाते देश के अंदर सर्वश्रेष्ठ भूमिका में दिखाई देते हैं।
* विवेकानंद जी के नेतृत्व में, गुलामी के काल खंड में, अंग्रेजों के शासनकाल में, भारत की प्रतिभाओं को, भारत के धर्म को, भारत की संस्कृति को भारत के विचारों को, विश्व के अंदर मान्यता मिली है।
* विवेकानंद जी ने भारत के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा था-उठिये, जागिए और तब तक जागते रहिये, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।
-डा. राजीव बिन्दल

































































