बिक्रमबाग और देवनी पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारम्भ

डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि मुझे आज एक सुखद अनुभूति हो रही है। आज शनिवार को नाहन विधानसभा क्षेत्र की बिक्रमबाग और देवनी पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारम्भ किया। इस मौके पर क्षेत्रवासियों द्वारा किए गए स्वागत और अभिनंदन के लिए आभारी हूं।

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डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि मुझे आज एक सुखद अनुभूति हो रही है। आज शनिवार को नाहन विधानसभा क्षेत्र की बिक्रमबाग और देवनी पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारम्भ किया। इस मौके पर क्षेत्रवासियों द्वारा किए गए स्वागत और अभिनंदन के लिए आभारी हूं।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने इस क्षेत्र के लिए कई विकास योजनाओं की सौगात दी है जिसमें पटवार सर्कल भी शामिल है। आज हमने नव सृजित बिक्रमबाग-देवनी पटवार सर्कल का उदघाटन किया। 

इसके साथ ही कैड के तहत उठाऊ सिंचाई योजना मंडेरवा, उठाऊ सिंचाई योजना बेला, उठाऊ सिंचाई योजना खैरवाला और बहाव सिंचाई योजना बिक्रमबाग का शिलान्यास भी किया।

बिक्रमबाग और देवनी दोनों पंचायतें मारकंडा नदी के दोनों ओर बसी हैं जो कि पूर्व में एक ही पंचायत हुआ करती थी। 

नदी नालों से पटी पड़ी यह पंचायतें पिछले 60 सालों से विकास को तरस रही थीं। बरसात के दिनों में टापू में तबदील हो जाने इस क्षेत्र के हमारी ग्रामीण दशकों तक सडकों व पुलों का इंतजार करते रहे। 

क्षेत्र के लोग गर्मियों में पीने के पानी की समस्याओं जूझते रहे, पानी की भरमार होते हुए भी खेत सिंचाई के पानी से महरूम रहे।

वर्ष 2017 का साल इलाके के लिए सौभाग्य शाली रहा। मारकंडा नदी पर आर-पार जाने के लिए देवनी पर पहला पुल 9 करोड़ रुपये की लागत से बना। 

खैरी नाले का पुल 3 करोड़ रुपये की लागत से बना, खैरवाला ढाकवाला को पक्की सड़क मिली और काला आम सुकेती होते हुए खजूरना सड़क को नया रूप दे कर उस पर बसें चली। यह सब इस इलाके के विकास की कहानी बयां करते हैं।

क्षेत्र में विकास और सेवा के कार्य निरंतर चल रहे हैं जिसमें 4 करोड़ रुपये की लागत से मंडेरवा का पुल बन रहा है और 2.50 करोड़ रुपये की लागत से पथराला का खाला का पुल का निर्माण किया जाएगा।

हमारा अगला प्रयास क्षेत्र में पीने का पानी उपलब्ध करवाना था। पीने के पानी के लिए अनेक टयूबवैल टयूबलर लगाए। हाल ही में बड़े-बडे 3 परकोलेशन वैल लगाए गए हैं जिनका कार्य पूर्ण होने पर इलाके को बारह माह समुचित मात्रा में स्वच्छ पीने का पानी मिलेगा। 

क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति पर 3 करोड़ रुपये व्यय कि जा रहे हैं।

हमने किसान के खेत को पानी देने का नवीन प्रयास शुरू किया गया है। 

मारकंडा नदी से निकलने वाली कूहल सिंचाई योजना हर साल धवस्त हो जाती है व महीनों महीने लोगों को इसकी रिपेयर का इंतजार करना पड़ता है किन्तु अब 2 करोड़ रुपये की लागत से से इसका नवीनीकरण होगा।

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