मोदी सरकार ने बदली तस्वीर—नारी सशक्तिकरण अब नीति नहीं, राष्ट्रीय शक्ति : डॉ. बिंदल

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम से मजबूत होगा लोकतंत्र—महिलाओं की भागीदारी से बदलेगी देश की दिशा: डॉ. बिंदल”                 “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र—मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को जीवनचक्र से जोड़ा: डॉ. बिंदल”

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  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने गुरुवार को धर्मशाला में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
  इस अवसर पर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार, भाजपा जिला कांगड़ा अध्यक्ष सचिन शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. (कर्नल) रीता डढवाल, डॉ. वासु सिंह, ज्योति चंदेल, सीमा चंदेल, अंजला कुमारी, शुभ्रा गुप्ता, शकुन, शीला सलूजा और रंजू रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि “अब महिलाओं के सशक्तिकरण का दृष्टिकोण बदल चुका है—यह केवल महिला कल्याण नहीं, बल्कि महिला के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
  उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीति निर्माण में संतुलन, संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा।
  डॉ. बिंदल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखते हुए व्यापक कार्य किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है और ₹20,101 करोड़ सीधे उनके खातों में भेजे गए हैं।
  पोषण 2.0 के माध्यम से 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों को सेवाएं मिल रही हैं, जबकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जन्म के समय लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के तहत 926 वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को एक ही स्थान पर कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान कर रहे हैं, वहीं 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से लगभग 99 लाख महिलाओं को सहायता मिली है।
  आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 68% ऋण महिलाओं को मिला है और 14.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को उद्यमिता के लिए दी गई है।
  ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 10 करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है और 3 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।
  स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर 2014 के 130 से घटकर 2023 में 88 हो गई है, जबकि मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
  डॉ. बिंदल ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालय और जल जीवन मिशन के तहत 15.8 करोड़ घरों तक नल से जल की सुविधा—ये सभी कदम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन बढ़ा है और उच्च शिक्षा तथा शोध में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।
  अंत में डॉ. बिंदल ने कहा:
  “नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है—जहां हर महिला सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होगी।”
  उन्होंने कहा कि भाजपा इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि
  “सशक्त नारी, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र” का सपना साकार हो।

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