जिला मंडी में 24 इंजिनियनिंग छात्रों के पानी में बहने की दुर्घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्णः डा. बिन्दल
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जिला मण्डी के लारजी में, हैदराबाद से आए हुए 24 इंजीनियरिंग के छात्रों के पानी में बह जाने की दुखद दुर्घटना के बारे में जो नवीनतम जानकारियां प्राप्त हो रही है, वो दिल को दहला देने वाली हैं.
हम शोक संत्पत परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं और इस दुखद घड़ी में हम सब हिमाचल वासी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं।
जिस प्रकार जिला मंडी के स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों में सहयोग किया वो सराहनीय है.
आज की “अमर उजाला” में उठाये गए इन प्रश्नों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए:
- थलौट जैसे खतरनाक स्थलों पर आगाह करने वाले साइन बोर्ड क्यों नहीं थे? पर्यटकों को क्या पता था कि बांध से कभी भी पानी छोड़ा जा सकता है।
- हूटर बजाने का दावा अगर सही है तो सुनाई क्यों नहीं दिया? ये भी जांच का विषय है कि हूटर की आवाज कितनी दूर तक सुनाई देती है।
- सूचना के बावजूद शीर्ष अफसर दूसरे दिन घटनास्थल पर क्यों पहुंचे?
- डैम से पानी छोड़ने से पहले निर्धारित प्रोटोकोल फॉलो क्यों नहीं किए गए?
- हादसा करीब साढ़े छह बजे हुआ जबकि रेस्क्यू टीम को मौके पर पहुंचने में ढाई घंटे लग गए। उच्च अधिकारियों को इस हादसे की सूचना तक नहीं दी गई।
-डा. राजीव बिन्दल
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