‘‘लालच वश, चील के वृक्षों का सीना तो छलनी न करो भाई’’
Home ‘‘लालच वश, चील के वृक्षों का सीना तो छलनी न करो भाई’’ चील के जले हुई ठूंठ, टूटी शाखाएं और बिरोजा के लिए चील के तन का भेदन, निः संदेह यह सब पर्यावरण के लिए तो खतरा हैं ही साथ ही मनुष्य के बढ़ते लालच को भी बयां करते हैं। हम जानते हैं चील […]
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